Unvelining Unseen places – Day 5 and 6
पारसी संस्कृति
Open minded (पूर्वाग्रहमुक्त)
उदवाडा और नारगोल में स्थित पारसी लोगों की रहनसहन, खानपान एवं धर्म के प्रति उनकी निष्ठा देखकर पता चलता है कि वे अपनी संस्कृति का आदर करते हैं | उन्होंने भारतीय संस्कृति में से भाषा, रहनसहन और विभिन्न कला को आत्मसात किया जैसे ‘दूध में शक़्कर में घूल जाती” है | उनके रहन – सहन की बात करें तो साधी जीवन शैली और विनम्र स्वभाव |
हर घर के सामने अग्नि और कुआँ का होना यह दर्शाता कि ये दोनों उनकी संस्कृति का हिस्सा है | उनके खान – पान की बात करें तो उनके मसाले भी अलग है | जिससे उनकी पहचान बनी है | उनके घर के आँगन में रंगोली और तोरण भी होते हैं | तोरण में मुर्गा या मुर्गी खास कर के होते है वे उन्हें Goodluck मानते है |
इस तरह उनका प्रकृति के प्रति प्रेमभाव दिखाई दिया |
स्नेहा गद्रे और वैशाली पटेल ( ILT )